नियमीत अभ्यास और धैर्य ही असली उपाय
न प्रस्तावना हकलाहट से मुक्ति पाने की राह लंबी होती है। यह कोई दवा खाने से एक दिन में खत्म होने वाली समस्या नहीं है। यह एक आदत और बोलने के पैटर्न से जुड़ी होती …
न प्रस्तावना हकलाहट से मुक्ति पाने की राह लंबी होती है। यह कोई दवा खाने से एक दिन में खत्म होने वाली समस्या नहीं है। यह एक आदत और बोलने के पैटर्न से जुड़ी होती …
द प्रस्तावना हकलाहट केवल जुबान की समस्या नहीं है, यह मन की भी समस्या है। जब दिमाग में नकारात्मक विचार आते हैं – “लोग हँसेंगे, मजाक उड़ाएँगे, मुझे शर्मिंदगी होगी” – तब हकलाहट और बढ़ …
ध प्रस्तावना हकलाहट से पीड़ित व्यक्ति के मन में सबसे बड़ा डर होता है कि लोग उसकी बात को समझेंगे या मजाक उड़ाएँगे। इस डर से वह अक्सर तेजी से बोलने की कोशिश करता है। …
प्रस्तावना बोलना और सांस लेना दोनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। अगर सांस सही तरीके से ली जाए, तो आवाज सहज और स्पष्ट निकलती है। लेकिन हकलाने वाले लोग अक्सर सांस लेने की प्रक्रिया …
1) ह हकलाहट पर काबू पाने की सबसे बड़ी शुरुआत है इसे स्वीकार करना। कई लोग अपनी समस्या छुपाने की कोशिश करते हैं, जिससे तनाव और बढ़ता है। जब आप इसे स्वीकार कर लेते हैं, …